प्रयागराज में उत्तराम्नाय ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का धरना 10वें दिन भी जारी है। कंप्यूटर बाबा के नेतृत्व में संतों ने धूनी तपस्या कर प्रशासन पर सवाल उठाए।
प्रयागराज में संत समाज का विरोध–धूप तपस्या के साथ बढ़ा आंदोलन
प्रयागराज में उत्तराम्नाय ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का धरना लगातार 10वें दिन भी जारी है। संत समाज की इस आंदोलनात्मक गतिविधि ने अब और तेज़ रूप ले लिया है।
इसी क्रम में कंप्यूटर बाबा के नेतृत्व में कई संतों ने धूनी तपस्या कर प्रशासन के रवैये के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।
संतों का कहना है कि उनकी मांगों को लेकर प्रशासन गंभीरता नहीं दिखा रहा, जिसके चलते उन्हें इस तरह का प्रतीकात्मक और धार्मिक विरोध करने को मजबूर होना पड़ा है।
धूनी तपस्या से जताया गया विरोध
संत समाज ने प्रयागराज में धूनी जलाकर तपस्या करते हुए यह संदेश दिया कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण है, लेकिन वे अपनी मांगों पर अडिग रहेंगे।
कंप्यूटर बाबा ने कहा कि यह आंदोलन धर्म, परंपरा और जनहित से जुड़ा हुआ है, इसलिए सरकार और प्रशासन को इसे अनदेखा नहीं करना चाहिए।
प्रशासन पर उठे सवाल
धरना स्थल पर मौजूद संतों ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि
- संवाद की पहल नहीं की जा रही
- मांगों को टालने का रवैया अपनाया जा रहा है
- संत समाज की बातों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा
हालांकि, प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले में कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
क्या है आगे की रणनीति?
संत समाज ने संकेत दिए हैं कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जा सकता है। फिलहाल धरना और प्रतीकात्मक विरोध जारी रहेगा।
Fact Check (तथ्य जांच)
✔️ धरना 10वें दिन भी जारी है – यह तथ्य पुष्टि पर आधारित है
✔️ धूनी तपस्या कंप्यूटर बाबा के नेतृत्व में की गई
✔️ प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान अभी नहीं आया है
✔️ खबर में किसी भी प्रकार का भ्रामक या अपुष्ट दावा नहीं है
