UP फूड प्रोसेसिंग हब बनने की तैयारी में, किसान से एक्सपोर्ट तक पूरी वैल्यू चेन पर फोकस
उत्तर प्रदेश सरकार फूड प्रोसेसिंग हब बनने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। राज्य का फोकस किसानों की उपज को सीधे इंडस्ट्री और बाजार से जोड़ने पर है, ताकि किसानों की आय बढ़े और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा हों। सरकार के अनुसार, अपनी मजबूत कृषि आधार, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और नीति समर्थन के दम पर UP फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी भूमिका निभा सकता है।
राज्य में मेगा फूड पार्क, एग्रो-प्रोसेसिंग क्लस्टर, कोल्ड स्टोरेज चेन और एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड यूनिट्स विकसित की जा रही हैं। फल-सब्ज़ी, डेयरी, अनाज, दालें, मांस और रेडी-टू-ईट उत्पाद जैसे सेगमेंट्स पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य कच्चे कृषि उत्पादों की बर्बादी कम करना और वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स का उत्पादन बढ़ाना है।
अधिकारियों ने बताया कि निवेशकों को आकर्षित करने के लिए:
- कैपिटल सब्सिडी और टैक्स इंसेंटिव
- भूमि आवंटन में आसानी
- सिंगल-विंडो क्लीयरेंस सिस्टम
- कोल्ड चेन और लॉजिस्टिक्स सपोर्ट
- एक्सपोर्ट फैसिलिटेशन सेंटर्स
जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। इससे MSMEs और बड़ी कंपनियों दोनों को UP में यूनिट्स लगाने का भरोसा मिल रहा है।
UP सरकार का कहना है कि फूड प्रोसेसिंग हब बनने से:
- ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ेगा
- किसानों की आय दोगुनी करने में मदद मिलेगी
- एक्सपोर्ट और FDI को बढ़ावा मिलेगा
- पोस्ट-हार्वेस्ट नुकसान में भारी कमी आएगी
नीति निर्माताओं का मानना है कि यह पहल आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया और वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) जैसे अभियानों को जमीनी स्तर पर मजबूत करेगी और उत्तर प्रदेश को एक मजबूत एग्रो-इंडस्ट्री पावरहाउस बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।
फैक्ट चेक:
- UP फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को प्राथमिक उद्योग बना रहा है
- मेगा फूड पार्क और एग्रो क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं
- उद्देश्य: किसान आय, रोजगार और एक्सपोर्ट बढ़ाना
- पहल ODOP और मेक इन इंडिया से जुड़ी हुई है
