पटना, बिहार। बिहार की राजनीति में एक नया मोड़ तब आया जब पटना हाईकोर्ट ने राजनीतिक दलों के 42 विधायकों को नोटिस जारी किया। इन विधायकों के नाम BJP, JDU और RJD समेत कई पार्टियों के हैं। कोर्ट ने सभी को एक सप्ताह का समय दिया है ताकि वे उस याचिका पर अपना उत्तर तैयार कर सकें जिसमें उनके व्यवहार और बयानबाजी पर सवाल उठाए गए हैं।
याचिका दायर करने वाले पक्ष का आरोप है कि कुछ विधायकों ने लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का उल्लंघन, भावनात्मक भाषा का उपयोग और लोकशाही संस्थाओं के प्रति अविश्वास फैलाने वाली टिप्पणियाँ की हैं, जिससे सामाजिक व राजनीतिक अव्यवस्था बढ़ती है। कोर्ट ने यह नोटिस इसलिए जारी किया है ताकि विधायकों से स्पष्टीकरण लिया जा सके।
सूत्रों के अनुसार, नोटिस में उन विधायकों के नाम, संभावित बयानों और व्यवहार का उल्लेख है जिनके खिलाफ शिकायत की गई है। विधायकों को निर्देश दिया गया है कि वे कोर्ट में लिखित जवाब दाखिल करें और भविष्य में ऐसी भाषा या व्यवहार से बचें जो लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुँचा सके।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह नोटिस बड़ी राजनीतिक और विधायी चुनौती पैदा कर सकता है, क्योंकि इससे पार्टी लाइन से ऊपर उठकर विधायकों की जवाबदेही पर सवाल उठे हैं। विधानसभा और उच्च न्यायालय में अब इस मामले पर बहस होने की संभावना है।
✔ पटना हाईकोर्ट ने 42 विधायकों को नोटिस जारी किया है।
✔ इन विधायकों का सम्बन्ध BJP, JDU, RJD जैसे बड़े दलों से है।
✔ कोर्ट ने एक सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा है।
✔ यह नोटिस उन विधायकों के व्यवहार और भाषा से संबंधित याचिका के जवाब में जारी किया गया है।
