लखनऊ, उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश के राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों में तकनीकी शिक्षा को आधुनिक बनाने के लिए पाठ्यक्रम में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। अब छात्रों को पारंपरिक तकनीकी विषयों के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, साइबर सिक्योरिटी और डेटा एनालिसिस जैसे आधुनिक विषयों की पढ़ाई कराई जाएगी। यह बदलाव नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू किए जाने की तैयारी है।
प्राविधिक शिक्षा विभाग ने पाठ्यक्रम को समय के अनुसार अपडेट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसका उद्देश्य छात्रों को ऐसी शिक्षा देना है जिससे वे भविष्य की तकनीकी जरूरतों के अनुरूप तैयार हो सकें और पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्हें रोजगार प्राप्त करने में आसानी हो।
राज्य के करीब 45 राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों को आधुनिक बनाने पर काम चल रहा है। इन संस्थानों में नई मशीनें और अत्याधुनिक लैब स्थापित की जा रही हैं ताकि छात्रों को केवल सैद्धांतिक नहीं बल्कि व्यावहारिक प्रशिक्षण भी मिल सके। कई संस्थानों में उद्योग सहयोग से नई तकनीकी प्रयोगशालाएं बनाई जा रही हैं।
नए पाठ्यक्रम को विकसित करने में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय का सहयोग लिया जा रहा है। इसके साथ ही शिक्षकों को भी नई तकनीक के अनुसार प्रशिक्षित करने की योजना है ताकि वे छात्रों को बेहतर तरीके से आधुनिक तकनीकी शिक्षा दे सकें।
सरकार का मानना है कि AI और साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों में बढ़ती मांग को देखते हुए छात्रों को उद्योग के अनुरूप कौशल देना जरूरी है। इन नए विषयों के माध्यम से छात्र नौकरी के साथ-साथ स्टार्टअप शुरू करने की दिशा में भी सक्षम बन सकेंगे।
तथ्य जांच:
✔ यूपी पॉलिटेक्निक के पाठ्यक्रम में आधुनिक तकनीकी विषय शामिल किए जा रहे हैं।
✔ 2026-27 सत्र से AI, मशीन लर्निंग और साइबर सिक्योरिटी जैसे कोर्स शुरू करने की तैयारी है।
✔ 45 संस्थानों को आधुनिक लैब और मशीनों से अपग्रेड किया जा रहा है।
✔ छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देने पर जोर दिया जाएगा।
