तालिबान का बड़ा बयान: अगर अमेरिका ने ईरान पर हमला किया तो अफगानिस्तान मदद देगा


संक्षिप्त विवरण: अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने कहा है कि अगर United States ईरान पर हमला करता है, तो अफगानिस्तान वह मदद करेगा अगर ईरान को सहायता की आवश्यकता पड़े। तालिबान प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि दोनों देशों में युद्ध नहीं होना चाहिए और अफगानिस्तान का रुख पड़ोसी ईरान के प्रति समर्थनकारी रहेगा।

काबुल, अफगानिस्तान - अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने एक बयान में कहा है कि अगर अमेरिका ईरान पर हमला करता है, तो अफगानिस्तान ईरान का समर्थन करेगा यदि तेहरान मदद की मांग करे। यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य तनाव बढ़ रहा है और दोनों देशों के प्रतिनिधि 17 फरवरी 2026 को जिनेवा में चर्चा करेंगे। तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि ईरान और अफगानिस्तान के बीच किसी भी तरह का युद्ध नहीं होना चाहिए, लेकिन अगर ईरान पर हमला हुआ और उसने सहयोग मांग लिया, तो अफगानिस्तान उसके साथ खड़ा रहेगा।

मुजाहिद ने इंटरव्यू में यह भी दावा किया कि पिछले साल ईरान और इजरायल के बीच हुए संघर्ष में ईरान की जीत हुई थी। उन्होंने कहा कि ईरान हर स्थिति में अमेरिका से जवाब देने और अपनी रक्षा करने की क्षमता रखता है। तालिबान ने स्पष्ट किया कि वह क्षेत्रीय विवादों को और अधिक हिंसात्मक रूप में बदलना नहीं चाहता, लेकिन अपने पड़ोसी देशों के साथ सहयोग को प्राथमिकता देगा।

इस बयान के बीच डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिका के राष्ट्रपति (या राष्ट्रपति पद के दावेदार), ने ईरान को परमाणु सौदे को स्वीकार करने की चेतावनी दी है और कहा है कि अगर ईरान ने समझौता नहीं किया तो अमेरिका विकल्पों पर विचार करेगा। दोनों पक्षों के बीच कूटनीतिक बातचीत जारी रहेगी।

तथ्य जांच:
✔ तालिबान के प्रवक्ता ने कहा है कि अगर अमेरिका ईरान पर हमला करता है तो अफगानिस्तान ईरान का समर्थन करेगा यदि तेहरान मदद मांगे।
✔ तालिबान ने कहा कि ईरान और अफगानिस्तान के बीच युद्ध नहीं होना चाहिए।
✔ ट्रंप ने ईरान को परमाणु समझौते पर चेतावनी दी है, जिससे तनाव बढ़ा है।

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