Tier-2 शहरों में रियल एस्टेट बिक्री में तेजी, मांग और भरोसा दोनों बढ़े


Tier-2 शहरों में रियल एस्टेट बिक्री में तेजी, मांग और भरोसा दोनों बढ़े

भारत के टियर-2 शहरों में रियल एस्टेट सेक्टर में तेज़ रिकवरी और मजबूत ग्रोथ देखने को मिल रही है। डेवलपर्स और प्रॉपर्टी ब्रोकर्स के अनुसार अब हाउसिंग डिमांड मेट्रो शहरों से निकलकर लखनऊ, इंदौर, जयपुर, कोयंबटूर, नागपुर, पटना और भुवनेश्वर जैसे शहरों में ज्यादा मजबूत हो रही है।

इस तेजी के पीछे कई बड़े कारण हैं:

  • मेट्रो शहरों के मुकाबले किफायती प्रॉपर्टी कीमतें
  • बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स (हाईवे, एयरपोर्ट, मेट्रो)
  • वर्क-फ्रॉम-होम और हाइब्रिड वर्क कल्चर
  • लोकल रोजगार में बढ़ोतरी और MSME सेक्टर की ग्रोथ
  • बेहतर लाइफस्टाइल सुविधाएं

हाउसिंग सेगमेंट के साथ-साथ अब कमर्शियल और प्लॉटेड डिवेलपमेंट में भी मांग बढ़ रही है। डेवलपर्स नए प्रोजेक्ट लॉन्च कर रहे हैं और अनसोल्ड इन्वेंट्री तेजी से क्लियर हो रही है। वहीं बैंकों और NBFCs के होम लोन डेटा में भी डिस्बर्समेंट बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि टियर-2 शहरों में रियल एस्टेट बूम अब एक लॉन्ग-टर्म ट्रेंड बनता जा रहा है, जहां निवेशकों को कैपिटल एप्रिसिएशन और रेंटल यील्ड दोनों का फायदा मिल रहा है। सरकार के इंफ्रास्ट्रक्चर पुश और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स ने इस मोमेंटम को और मजबूत किया है।

फैक्ट चेक:

  • टियर-2 शहरों में रियल एस्टेट बिक्री बढ़ी
  • किफायती हाउसिंग और इंफ्रा पुश मुख्य कारण
  • रेजिडेंशियल + कमर्शियल दोनों सेगमेंट में ग्रोथ
  • निवेशकों का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है

1 टिप्पणियाँ

और नया पुराने