बिहार की राजनीति में इन दिनों बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के बाद अब उनके इस्तीफे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
इस बीच जेडीयू (JDU) के मंत्री श्रवण कुमार ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार हमेशा नियम और संविधान के अनुसार चलते हैं और वही करेंगे जो कानून कहता है।
दरअसल, इससे पहले मंत्री विजय कुमार चौधरी ने भी संकेत दिया था कि सिर्फ शपथ लेने से सरकार नहीं बदलती, बल्कि औपचारिक रूप से इस्तीफा देना जरूरी होता है।
श्रवण कुमार ने यह भी स्पष्ट किया कि संविधान के अनुसार कोई भी व्यक्ति बिना किसी सदन का सदस्य बने भी 6 महीने तक मुख्यमंत्री पद पर रह सकता है।
इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में यह सवाल उठने लगा है कि क्या नीतीश कुमार तुरंत इस्तीफा देंगे या कुछ समय तक पद पर बने रह सकते हैं।
इसी बीच यह भी खबर सामने आई है कि मुख्यमंत्री आवास से उनका सामान शिफ्ट किया जा रहा है, जिससे संकेत मिल रहा है कि सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
वहीं, एनडीए (NDA) के अंदर भी नए मुख्यमंत्री को लेकर मंथन जारी है और अभी तक अंतिम फैसला नहीं हो पाया है, जिससे स्थिति और पेचीदा बनी हुई है।
तथ्य जाँच (मुख्य बिंदु)
- मुख्य मुद्दा: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संभावित इस्तीफे को लेकर चर्चा।
- ताजा घटना: नीतीश कुमार ने 10 अप्रैल 2026 को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली।
- JDU मंत्री का बयान: श्रवण कुमार ने कहा कि फैसला संविधान और नियमों के अनुसार होगा।
- संवैधानिक प्रावधान: कोई भी व्यक्ति 6 महीने तक बिना सदन का सदस्य बने मुख्यमंत्री रह सकता है।
- विजय चौधरी का बयान: सरकार बदलने के लिए इस्तीफा देना जरूरी बताया।
- राजनीतिक स्थिति: NDA में नए मुख्यमंत्री को लेकर अभी सहमति नहीं बनी है।
- संकेत: मुख्यमंत्री आवास से सामान शिफ्ट होने की खबरें सामने आईं।
- संभावित बदलाव: जल्द ही बिहार में नई सरकार के गठन की संभावना।
