प्रधानमंत्री मोदी का यह बयान इज़रायल की धरती से दिया गया और इसे पाकिस्तान के लिए एक कड़ा संदेश माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि दुनिया में आतंकवाद का कोई स्थान नहीं है और इस चुनौती से निपटने के लिए वैश्विक सहयोग आवश्यक है।
उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता भारत के हितों से सीधे जुड़ी है, इसलिए भारत हमेशा संवाद और शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन करता रहा है। मोदी ने गाजा शांति पहल को भी क्षेत्र में स्थायी शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने भारत-इज़रायल संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया। दोनों देशों ने अपनी साझेदारी को स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का दर्जा देने पर सहमति जताई और रक्षा, तकनीक तथा निवेश के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की बात कही।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देशों के संबंध लोकतांत्रिक मूल्यों और पारस्परिक विश्वास पर आधारित हैं। उन्होंने यह भी बताया कि रक्षा क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत किया जाएगा, जिसमें तकनीकी हस्तांतरण और संयुक्त उत्पादन जैसे कदम शामिल होंगे।
तथ्य जांच:
✔ पीएम मोदी ने इज़रायल दौरे के दौरान आतंकवाद के खिलाफ सख्त बयान दिया।
✔ भारत और इज़रायल ने आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त रूप से खड़े रहने की बात दोहराई।
✔ बयान को पाकिस्तान के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है।
✔ भारत-इज़रायल संबंधों को ‘स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ के रूप में आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
