लखनऊ, उत्तर प्रदेश। 15 फरवरी 2026 को वरिष्ठ पूर्व कांग्रेस नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस अवसर पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव खुद मौजूद रहे और उन्होंने पार्टी की जरूरतों और आगामी चुनौतियों पर बातचीत की। सिद्दीकी पश्चिमी यूपी के जाना-माने मुस्लिम चेहरे माने जाते हैं, जिनका राजनीतिक अनुभव और जनसमर्थन पार्टी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उनके सपा में शामिल होने के साथ ही सियासी चर्चा यह भी है कि क्या यह कदम आजम खान की पार्टी में कमी को पूरा कर सकता है। अखिलेश यादव ने मीडिया से कहा कि आजम खान को पार्टी और समाज में अलग सम्मान मिलता है और उनके साथ अन्याय की बात सभी जानते हैं; सिद्दीकी की पार्टी में एंट्री से मुस्लिम वोट बैंक को जोड़ने की रणनीति मजबूत हो सकती है। सिद्दीकी ने भी कहा कि वे सपा के साथ मिलकर सत्ता परिवर्तन के लिए काम करेंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक यह कदम 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सपा को पश्चिमी यूपी में मजबूत स्थिति देने में मदद कर सकता है, जहां मुस्लिम वोट और दिग्गज नेताओं की छवि मायने रखती है। सपा के साथ सिद्दीकी की एंट्री से कांग्रेस और बसपा के वोट शेयर में बदलाव के संकेत भी मिल रहे हैं।
तथ्य जांच:
✔ नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की है।
✔ यह शामिल होना अखिलेश यादव की मौजूदगी में हुआ।
✔ इस कदम से सपा में मुस्लिम वोट बैंक को बढ़ावा मिलने की संभावना जताई जा रही है।
