ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर ओमान की राजधानी मस्कट में अहम बातचीत शुरू हुई है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव के बीच यह वार्ता क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। खाड़ी देशों ने इस प्रक्रिया को लेकर चिंता जताई है, जबकि ओमान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।
मस्कट। ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक बार फिर कूटनीतिक प्रयास तेज हो गए हैं। ओमान की राजधानी मस्कट में दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत शुरू हुई है, जिसमें ओमान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, वार्ता का मुख्य फोकस ईरान के परमाणु कार्यक्रम और उससे जुड़े प्रतिबंधों पर है। ईरान की ओर से कहा गया है कि बातचीत केवल परमाणु मुद्दे तक सीमित रहनी चाहिए, जबकि अमेरिका व्यापक सुरक्षा चिंताओं को भी चर्चा में लाना चाहता है।
इस बातचीत को ऐसे समय में अहम माना जा रहा है, जब पश्चिम एशिया में पहले से ही तनाव का माहौल है। खाड़ी देशों ने इस वार्ता पर करीबी नजर बना रखी है और उन्हें आशंका है कि यदि कोई संतुलित समाधान नहीं निकलता, तो क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ सकती है।
ओमान ने पहले भी ईरान और अमेरिका के बीच बैक-चैनल डिप्लोमेसी में अहम भूमिका निभाई है। इस बार भी मस्कट को एक भरोसेमंद मंच के रूप में देखा जा रहा है, जहां दोनों पक्ष बिना सार्वजनिक दबाव के बातचीत कर सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह वार्ता सफल रहती है, तो इससे न केवल परमाणु तनाव कम होगा, बल्कि मध्य-पूर्व में संभावित सैन्य टकराव की आशंका भी घट सकती है।
