अजमेर, राजस्थान। 28 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा से पहले अजमेर में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज रही। सभा स्थल पर बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग पहुंचे और समर्थन में नारेबाजी करते दिखाई दिए। रिपोर्ट के अनुसार, रोजा रखने के बावजूद लोग टोपी और पोस्टर के साथ कार्यक्रम स्थल की ओर बढ़ते नजर आए और ‘ना दूरी है ना खाई है, मोदी हमारा भाई है’ जैसे नारे लगाए गए।
प्रधानमंत्री की सभा को लेकर सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए गए हैं और प्रवेश से पहले कई स्तरों पर जांच की जा रही है। इस बीच विरोध की आशंका को देखते हुए जयपुर सहित राज्य के कई हिस्सों में करणी सेना और यूथ कांग्रेस से जुड़े नेताओं को एहतियातन नजरबंद या हिरासत में लिया गया। करणी सेना के अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना को भी कार्यक्रम से पहले नजरबंद किया गया।
दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे का कुछ संगठनों ने विरोध करने का ऐलान किया था। करणी सेना ने यूजीसी नियमों को लेकर और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध जताने की बात कही थी। विरोध या हंगामे की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए और संभावित प्रदर्शनकारियों को सभा से दूर रखने की कार्रवाई की।
सभा में शामिल होने वाले लोगों के पोस्टर और सामान की जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों ने यह सुनिश्चित किया है कि किसी भी प्रकार का विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम स्थल तक न पहुंच सके।
तथ्य जांच:
✔ अजमेर में पीएम मोदी की सभा आयोजित की गई।
✔ मुस्लिम समुदाय के लोग बड़ी संख्या में कार्यक्रम में पहुंचे।
✔ करणी सेना और कांग्रेस से जुड़े कुछ नेताओं को नजरबंद किया गया।
✔ विरोध की आशंका के चलते प्रशासन ने एहतियाती कार्रवाई की।
