संक्षिप्त विवरण: अमेरिका के नामित राजदूत Sergio Gor ने संकेत दिए हैं कि भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए विकल्प तलाश रहा है और रूस से तेल आयात पर निर्भरता को कम करने के तरीकों पर काम कर रहा है। यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर बातचीत चल रही है, जिसमें ऊर्जा और तेल स्रोत विविधता एक अहम मुद्दा बना हुआ है।
नई दिल्ली, भारत। अमेरिका के नामित राजदूत और विशेष दूत Sergio Gor ने भारत-अमेरिका के व्यापार समझौते पर चर्चा के दौरान यह संकेत दिया कि भारत रूस से तेल की खरीद पर निर्भरता कम करने जैसे विकल्पों की तलाश कर रहा है। बुधवार को हुए संवाद के दौरान उन्होंने कहा कि ऊर्जा आपूर्ति और तेल संसाधनों का स्रोत दोनों देशों के बीच बातचीत का एक महत्वपूर्ण विषय है और भारत अपने ऊर्जा पोर्टफोलियो को विविध बनाने के तरीकों पर विचार कर रहा है — जिसमें अमेरिका और वेनेजुएला जैसे अन्य आपूर्तिकर्ताओं से तेल खरीदने के विकल्प भी शामिल हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार और ऊर्जा साझेदारी को लेकर बातचीत तेज़ हो रही है।
विदेश नीति विशेषज्ञों के अनुसार, तेल आयात के मुद्दे को भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के एक हिस्से के रूप में देखा जा रहा है। पिछले हफ्तों में भारत ने अपनी ऊर्जा रणनीति में विविधता लाने के संकेत दिए हैं, जिसमें रूस के अलावा अन्य देशों से तेल आयात की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है। अमेरिका भी चाहते हैं कि भारत रूसी क्रूड पर अपनी निर्भरता को कम करे, ताकि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौता और ऊर्जा सहयोग को आगे बढ़ाया जा सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा और कच्चे तेल के स्रोतों में विविधता को बनाए रखना उसकी स्वतंत्र विदेश नीति का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य आपूर्ति स्थिरता, वैश्विक ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव से निपटना और कच्चे तेल के अधिक प्रतिस्पर्धी स्रोत ढूंढना है।
तथ्य जांच:
✔ अमेरिका के राजदूत Sergio Gor ने संकेत दिए हैं कि भारत ऊर्जा विकल्पों की तलाश में है।
✔ भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में ऊर्जा स्रोत विविधता और तेल खरीद का मुद्दा शामिल है, लेकिन कोई अंतिम निर्णय सार्वजनिक नहीं हुआ है।
✔ India के लिए वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और तेल स्रोत विविधता नीति का हिस्सा है।
