अमेरिका ने सीरिया में आतंकी संगठन ISIS के खिलाफ अपने हवाई हमलों को तेज कर दिया है। ‘ऑपरेशन Hawkeye Strike’ के तहत अमेरिकी सेना ने कई संदिग्ध ठिकानों को निशाना बनाया। रक्षा अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई क्षेत्र में ISIS की फिर से सक्रिय हो रही गतिविधियों को रोकने के लिए की गई है।
मध्य पूर्व में आतंकवाद के खिलाफ अपनी रणनीति को मजबूत करते हुए United States ने Syria में ISIS के ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले शुरू किए हैं। यह अभियान ‘ऑपरेशन Hawkeye Strike’ के नाम से चलाया जा रहा है।
अमेरिकी रक्षा विभाग के मुताबिक, हाल के महीनों में सीरिया के कुछ इलाकों में ISIS के स्लीपर सेल और लॉजिस्टिक नेटवर्क फिर सक्रिय होते दिखे थे। इसी इनपुट के आधार पर ड्रोन और फाइटर जेट्स की मदद से सटीक हमले किए गए।
हमले का लक्ष्य क्या था ?
- आतंकी ठिकाने और हथियार डिपो
- कमांड और कंट्रोल सेंटर
- लॉजिस्टिक सपोर्ट नेटवर्क
- संभावित ट्रेनिंग कैंप
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि हमले बेहद “प्रिसिशन बेस्ड” थे, ताकि आम नागरिकों को नुकसान न पहुंचे।
क्षेत्रीय असर
सीरिया में चल रहा गृहयुद्ध और अस्थिरता पहले से ही जटिल स्थिति पैदा कर चुके हैं। ऐसे में अमेरिकी कार्रवाई से क्षेत्रीय समीकरणों पर असर पड़ सकता है। हालांकि अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान केवल आतंकवाद विरोधी कार्रवाई है और इसका उद्देश्य किसी अन्य देश या गुट को निशाना बनाना नहीं है।
क्यों जरूरी पड़ा अभियान ?
खुफिया रिपोर्ट्स में संकेत मिले थे कि ISIS सीमित संसाधनों के बावजूद फिर से अपने नेटवर्क को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। अमेरिका और उसके सहयोगी देशों ने इसे क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिए संभावित खतरा बताया है।
फैक्ट चेक
✔️ अमेरिका ने आधिकारिक बयान में ISIS के खिलाफ एयरस्ट्राइक की पुष्टि की है।
✔️ ऑपरेशन का नाम ‘Hawkeye Strike’ बताया गया है।
✔️ कार्रवाई का लक्ष्य ISIS के ठिकाने थे, किसी अन्य देश की सेना नहीं।
✔️ नागरिक हताहतों के बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है; जांच जारी है।
⚠️ जमीनी हालात और नुकसान का पूरा आकलन समय के साथ स्पष्ट होगा।
विश्लेषण
- यह कार्रवाई बताती है कि अमेरिका अब भी मध्य पूर्व में सक्रिय आतंकवाद विरोधी नीति पर कायम है।
- ISIS भले ही अपने चरम पर न हो, लेकिन उसके बचे हुए नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करना अभी चुनौती बना हुआ है।
- इस अभियान से अमेरिका अपने सहयोगियों को यह संदेश भी दे रहा है कि वह क्षेत्रीय सुरक्षा में अपनी भूमिका निभाता रहेगा।
