नई दिल्ली/तेल अवीव, 26 फ़रवरी 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इज़राइल दौरे के दौरान दोनों देशों ने रणनीतिक रक्षा साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर दिया। भारत-इज़राइल रक्षा सहयोग को दशकों से स्थिर माना जाता रहा है, लेकिन हाल के समझौतों के तहत भारत ने इज़राइल से कई आधुनिक हथियार प्रणालियों की खरीद पर पुष्टि की है।
नीचे इज़राइल से खरीदे जाने वाले महत्वपूर्ण हथियारों और रक्षा तकनीकों का पूरा विवरण दिया गया है:
1) एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइलें (Spike मिसाइल)
भारत ने इज़राइल की Spike ATGM मिसाइलों की खरीद की है, जो टैंक और बख़्तरबंद वाहनों को नष्ट करने में उपयोगी हैं। यह मिसाइल लॉन्ग-रेंज, पाइरेविड और उच्च सटीकता वाली प्रणालियों में शामिल है और भारतीय सेनाओं की भूमि-से-भूमि कार्रवाई क्षमता को बढ़ाता है।
2) ड्रोन और UAV सिस्टम
इज़राइल दुनिया के अग्रणी Unmanned Aerial Vehicles (UAV) निर्माता देशों में से एक है। भारत ने विभिन्न प्रकार के सर्वेillance और कॉम्बैट ड्रोन खरीदे हैं, जिनमें ISR (इंटेलिजेंस, सर्वेillance, रिकॉंनेसेंस) वाले मॉडल शामिल हैं। ये ड्रोन सीमा इलाकों में निगरानी और तोपखाने की सटीकता बढ़ाने में मदद करते हैं।
3) एयर डिफेंस सिस्टम (मिसाइल रक्षा)
भारत ने इज़राइल की Barak Surface-to-Air Missile प्रणालियों को अपनी वायु रक्षा नेटवर्क में शामिल किया है। Barak सिस्टम छोटे और मध्यम दूरी के हवाई लक्ष्यों को प्रभावी रूप से नष्ट करने में सक्षम है और भारतीय नौसेना तथा वायुसेना दोनों में यह उपयोगी प्रणालियों में शामिल है।
4) इलेक्ट्रॉनिक वारफ़ेयर और साइबर डिफेंस उपकरण
आधुनिक युद्ध के परिदृश्य में इलेक्ट्रॉनिक युद्ध (EW) व साइबर रक्षा प्रणालियाँ भी प्रमुख भूमिका निभाती हैं। भारत ने इज़राइल से EW Systems, Jammers और नेटवर्क सुरक्षा प्रणालियाँ खरीदी हैं ताकि सीमा क्षेत्रों तथा तैनाती इलाकों में तकनीकी श्रेष्ठता सुनिश्चित की जा सके।
5) टैंक और बख़्तरबंद वाहन संरक्षण तकनीक
भारतीय सेना के मुख्य लड़ाकू टैंकों पर मिसाइल डिफेंस और एक्टिव प्रोटेक्शन सिस्टम (APS) लगाने के लिए इज़राइल की तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। यह तकनीक टैंक पर आने वाले मिसाइल हमलों को ट्रैक और निष्प्रभावी करती है।
विशेषज्ञों का विश्लेषण
विश्लेषकों के अनुसार, भारत-इज़राइल रक्षा व्यापार का यह विस्तार क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों के बीच महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है। इन हथियारों और प्रणालियों से भारत को न केवल आत्मरक्षा क्षमता में सुधार मिलेगा, बल्कि दक्षिण एशिया और हिंद-प्रशांत में अपनी रणनीतिक स्थिति मजबूत करने में भी सहायता मिलेगी।
इस समझौते से दोनों देशों के बीच तकनीकी और औद्योगिक साझेदारी को बढ़ावा मिलेगा, जिसमें संभवतः साझे अनुसंधान और रक्षा उत्पादन के प्रोजेक्ट भी शामिल होंगे।
तथ्य जांच:
✔ प्रधानमंत्री मोदी के Israel दौरे के दौरान दोनों देशों ने रक्षा साझेदारी पर विचार किया।
✔ भारत ने इज़राइल से Spike ATGM, Barak Air-Defense Missile, ड्रोन/UAVs, APS जैसी आधुनिक प्रणालियाँ खरीदी हैं।
✔ इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणालियाँ और साइबर-सुरक्षा उपकरण भी व्यापार का हिस्सा हैं।
✔ यह समझौता रणनीतिक रक्षा सहयोग को और विस्तारित करता है।
