दुनिया इस समय कई बड़े सैन्य तनावों का सामना कर रही है। सबसे बड़ा संघर्ष मिडिल ईस्ट में देखा जा रहा है, जहां अमेरिका और इजरायल द्वारा 28 फरवरी 2026 को ईरान पर किए गए हवाई हमलों के बाद युद्ध जैसी स्थिति बन गई है। इसके जवाब में ईरान ने भी मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू कर दिए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है।
रिपोर्ट के अनुसार इस संघर्ष का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। ईरान से जुड़े घटनाक्रम के कारण हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर खतरा बढ़ गया है, जहां से दुनिया के लगभग 20% तेल का परिवहन होता है।
मिडिल ईस्ट के अलावा रूस और यूक्रेन के बीच 2022 से चल रहा युद्ध अभी भी जारी है। इस युद्ध में दोनों देशों के बीच लगातार मिसाइल, ड्रोन और सैन्य हमले हो रहे हैं, जिसका असर वैश्विक राजनीति और सुरक्षा पर पड़ रहा है।
दूसरी ओर अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव भी गंभीर हो गया है। हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच हवाई हमले और जवाबी कार्रवाई की खबरें सामने आई हैं, जिनमें सैकड़ों लोगों की मौत की रिपोर्ट भी सामने आई है।
पूर्वी एशिया में भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। उत्तर कोरिया ने हाल ही में कई बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण किए, जिससे जापान और उसके सहयोगी देशों की चिंता बढ़ गई है। इस क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियां पूरे एशिया-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा के लिए चुनौती मानी जा रही हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इन संघर्षों का समाधान जल्द नहीं निकला तो दुनिया में बड़े स्तर पर अस्थिरता और आर्थिक संकट की स्थिति पैदा हो सकती है।
तथ्य जाँच
- मुख्य वैश्विक संघर्ष: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच सैन्य टकराव।
- युद्ध की शुरुआत: 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हवाई हमले किए।
- ईरान की प्रतिक्रिया: मिसाइल और ड्रोन हमलों से जवाबी कार्रवाई।
- वैश्विक असर: हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर खतरे के कारण तेल आपूर्ति और अर्थव्यवस्था प्रभावित।
- रूस-यूक्रेन युद्ध: फरवरी 2022 से लगातार जारी बड़ा सैन्य संघर्ष।
- अफगानिस्तान-पाकिस्तान तनाव: सीमा पर हवाई हमले और जवाबी कार्रवाई की घटनाएं सामने आईं।
- पूर्वी एशिया में तनाव: उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षण से जापान और क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर।
- विशेषज्ञों की चेतावनी: कई क्षेत्रों में एक साथ बढ़ते संघर्ष से वैश्विक अस्थिरता का खतरा।
