मध्य-पूर्व में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भी दिखने लगा है। इसके कारण भारत में LPG सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी है और टेलीकॉम सेक्टर ने भी इसको लेकर अलर्ट जारी किया है।
रिपोर्ट के अनुसार LPG की कमी का असर केवल घरेलू गैस तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी पड़ सकता है। कई जगहों पर टेलीकॉम टावर और डेटा सेंटर बैकअप जनरेटर के लिए गैस या गैस-आधारित ईंधन का उपयोग करते हैं। यदि सप्लाई बाधित होती है तो नेटवर्क संचालन पर दबाव बढ़ सकता है।
टेलीकॉम उद्योग से जुड़े संगठनों ने बताया है कि सरकार द्वारा घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के निर्देश के बाद कई टेलीकॉम टावर निर्माण इकाइयों को LPG सप्लाई रोक दी गई है। इससे टावर निर्माण से जुड़े उद्योगों में संचालन संबंधी चुनौतियां सामने आ रही हैं।
टेलीकॉम टावर बनाने वाली फैक्ट्रियों में गैल्वनाइजेशन प्रक्रिया के दौरान लगातार ईंधन की जरूरत होती है। यदि गैस सप्लाई लंबे समय तक बंद रहती है तो इन इकाइयों को उत्पादन धीमा करना पड़ सकता है या अस्थायी रूप से बंद भी करना पड़ सकता है। इससे नए टेलीकॉम टावरों की स्थापना और नेटवर्क विस्तार प्रभावित हो सकता है।
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल देश में मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाएं सामान्य रूप से चल रही हैं। लेकिन यदि गैस संकट लंबे समय तक बना रहा तो भविष्य में नेटवर्क विस्तार और 5G रोलआउट की गति धीमी पड़ सकती है।
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स एसोसिएशन (DIPA) ने सरकार से मांग की है कि टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी इकाइयों को LPG और बिजली आपूर्ति में प्राथमिकता दी जाए ताकि मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाओं पर किसी तरह का असर न पड़े।
तथ्य जाँच
- कारण: मध्य-पूर्व में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव।
- मुख्य समस्या: भारत में LPG सप्लाई में संभावित कमी की आशंका।
- सरकारी निर्देश: घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के कारण कई औद्योगिक इकाइयों को LPG सप्लाई रोकी गई।
- प्रभावित क्षेत्र: टेलीकॉम टावर निर्माण और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर।
- तकनीकी कारण: टेलीकॉम टावर निर्माण में गैल्वनाइजेशन प्रक्रिया के लिए गैस-आधारित ईंधन जरूरी होता है।
- संभावित असर: नए टेलीकॉम टावरों की स्थापना और नेटवर्क विस्तार की गति धीमी हो सकती है।
- वर्तमान स्थिति: अभी देश में मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाएं सामान्य रूप से चल रही हैं।
- उद्योग की मांग: टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर को आवश्यक सेवा मानते हुए LPG और बिजली आपूर्ति में प्राथमिकता दी जाए।
