‘वार लॉकडाउन’ का वायरल नोटिस फर्जी, अप्रैल फूल प्रैंक निकला सच


संक्षिप्त विवरण: सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा “भारत में लॉकडाउन लगेगा” वाला नोटिस पूरी तरह फर्जी (Fake) निकला है। यह मैसेज अप्रैल फूल (April Fool) प्रैंक था और सरकार की ओर से ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया है।

अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध के बीच देश में “वार लॉकडाउन” को लेकर एक कथित सरकारी नोटिस सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इस नोटिस में दावा किया गया कि भारत सरकार ने आपात स्थिति को देखते हुए देश में लॉकडाउन लागू करने का आदेश दिया है।

यह मैसेज इतना वास्तविक लग रहा था कि:

  • इसमें सरकारी चिन्ह (अशोक चक्र) का इस्तेमाल किया गया
  • भाषा पूरी तरह सरकारी आदेश जैसी थी
  • कुछ वर्जन में नकली आदेश संख्या और तारीख भी दी गई

इसी कारण लोगों में डर फैल गया और मैसेज तेजी से वायरल हो गया।

लेकिन जब इसकी जांच की गई तो सच्चाई सामने आई कि:

  • यह कोई सरकारी नोटिस नहीं था
  • यह सिर्फ अप्रैल फूल के दिन बनाया गया फर्जी मैसेज था
  • नोटिस के अंत में छोटे अक्षरों में “April Fool” लिखा हुआ था

इसके अलावा सरकार की ओर से पहले ही साफ किया जा चुका है कि:

  • देश में लॉकडाउन लगाने की कोई योजना नहीं है
  • सोशल मीडिया पर फैल रही ऐसी खबरें अफवाह और भ्रामक हैं

विशेषज्ञों के अनुसार, यह अफवाह इसलिए तेजी से फैली क्योंकि:

  • पहले से युद्ध और ऊर्जा संकट को लेकर डर का माहौल था
  • मैसेज का फॉर्मेट बिल्कुल असली सरकारी आदेश जैसा बनाया गया था
  • लोग बिना जांचे तुरंत फॉरवर्ड कर रहे थे

तथ्य जाँच 

  1. वायरल दावा: भारत में “वार लॉकडाउन” लागू किया गया।
  2. सच्चाई: यह दावा पूरी तरह फर्जी है।
  3. मैसेज का स्रोत: सोशल मीडिया पर वायरल नकली नोटिस।
  4. असली स्थिति: सरकार ने लॉकडाउन से जुड़ा कोई आदेश जारी नहीं किया।
  5. प्रैंक: यह “अप्रैल फूल” के दिन फैलाया गया मजाक था।
  6. सरकारी बयान: लॉकडाउन की खबरें “अफवाह और निराधार” बताई गईं।
  7. फैलने का कारण: डर, युद्ध की स्थिति और असली जैसा दिखने वाला फॉर्मेट।
  8. सलाह: किसी भी खबर को शेयर करने से पहले आधिकारिक स्रोत से पुष्टि करें।

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