मोदी-नेतन्याहू बैठक में बड़ा फैसला, इजरायल देगा 50,000 भारतीयों को नौकरी


संक्षिप्त विवरण: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की बैठक में बड़ा रोजगार समझौता हुआ है, जिसके तहत अगले पांच वर्षों में 50,000 अतिरिक्त भारतीयों को इजरायल में काम करने का मौका मिलेगा।

नई दिल्ली / यरुशलम। प्रधानमंत्री Narendra Modi और इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu की हालिया बैठक में दोनों देशों ने एक अहम निर्णय लिया है। इस समझौते के तहत अगले पांच वर्षों में 50,000 अतिरिक्त भारतीय कामगार इजरायल में जाकर रोजगार प्राप्त कर सकेंगे। इसका अर्थ है कि हर वर्ष औसतन लगभग 10,000 भारतीयों को वहां नौकरी के अवसर मिल सकते हैं।

दोनों नेताओं ने इजरायल में भारतीय कामगारों के योगदान को सराहा और निर्माण तथा देखभाल जैसे क्षेत्रों में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। नवंबर 2023 में हुए श्रमिक गतिशीलता समझौते को भी दोनों देशों ने अहम बताया, जिससे भारतीय कामगारों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा सके।

वर्तमान में 20,000 से अधिक भारतीय नागरिक पहले से ही इजरायल में कार्यरत हैं, जो वहां श्रमिकों की कमी को पूरा करने में मदद कर रहे हैं। नए समझौते के तहत रोजगार के अवसर केवल निर्माण और केयरगिविंग क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस सेक्टर और रेस्तरां उद्योग में भी बढ़ाए जाएंगे।

इसके साथ ही उच्च कौशल वाले क्षेत्रों जैसे डेटा साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और हाई-टेक सेक्टर में भी भारतीय पेशेवरों के लिए अवसर बढ़ाने पर जोर दिया गया है। दोनों देशों ने श्रमिकों की सुरक्षा, कानूनी अधिकार और बेहतर कार्य परिस्थितियों को सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता भी जताई है।

यह समझौता भारत-इजरायल संबंधों को और मजबूत करने के साथ-साथ भारतीय युवाओं के लिए विदेश में रोजगार के नए रास्ते खोलने वाला माना जा रहा है।

तथ्य जांच:
✔ भारत और इजरायल ने 50,000 अतिरिक्त भारतीयों को रोजगार देने पर सहमति जताई है।
✔ यह निर्णय मोदी और नेतन्याहू की बैठक के बाद लिया गया।
✔ अगले पांच वर्षों में चरणबद्ध तरीके से अवसर उपलब्ध होंगे।
✔ रोजगार निर्माण, देखभाल और अन्य क्षेत्रों में दिया जाएगा।

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