संक्षिप्त विवरण: बांग्लादेश में हिंदू समुदाय की आबादी आज के समय में लगभग 7.9 – 8 % के आसपास है, जो वर्षों से घटती हुई दर दर्शाती है। 1974 की जनगणना में यह लगभग 13.5 % थी और 1950-60 के दशक में इससे भी अधिक थी। समय के साथ हिंदू प्रतिशत लगातार कम हुआ है।
ढाका, बांग्लादेश — बांग्लादेश में हिंदू समुदाय की जनसंख्या स्वतंत्रता और अलग देश बनने के बाद से लगातार कम होती चली गई है। हाल के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 2022 की जनगणना में हिंदुओं की संख्या लगभग 13.1 मिलियन, यानी कुल आबादी का लगभग 7.95 % पाई गई, जो पहले के दशकों की तुलना में कम है।
इतिहास में देखा जाए तो पहली आधिकारिक जनगणना 1974 में हिंदुओं का प्रतिशत लगभग 13.5 % था, लेकिन उसके बाद यह हर दशक में गिरता चला गया। 1981, 1991, 2001, 2011 और 2022 की गिनतियों में यह प्रतिशत लगातार नीचे आता गया - 1991 में लगभग 10.5 %, 2001 में लगभग 9.2 % और 2011 में लगभग 8.5 % दर्ज हुआ था।
विशेषज्ञों और शोधों के अनुसार, इस गिरावट का कारण केवल एक कारक नहीं है, बल्कि एक संयोजन है - पलायन, जहाँ हिंदू परिवारों ने बेहतर अवसरों और सुरक्षा कारणों से भारत सहित अन्य देशों को चुना; आर्थिक-सामाजिक दबाव; सांप्रदायिक हिंसा और उत्पीड़न जैसी घटनाएँ; और अन्य सामाजिक-राजनीतिक कारक भी इसमें शामिल रहे हैं।
आज बांग्लादेश में हिंदू समुदाय अब भी देश की दूसरी सबसे बड़ी धार्मिक आबादी है, लेकिन प्रतिशत में गिरावट को दशकों से जारी एक दीर्घकालिक बदलाव माना जा रहा है।
✔ 1974 की पहली जनगणना में यह लगभग 13.5 % थी और समय के साथ घटती गई।
✔ प्रतिशत की गिरावट का कारण पलायन, सामाजिक-राजनीतिक दबाव और अन्य चुनौतियाँ बताई जाती हैं।
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