एसआईआर से पहले राज्य की मतदाता सूची में लगभग 6.41 करोड़ से अधिक नाम दर्ज थे, लेकिन इस संशोधन प्रक्रिया के बाद सूची की संख्या घटकर लगभग 5.43 करोड़ रह गई है। हटाए गए नामों में बड़ी संख्या उन व्यक्तियों की है जिनका मृत्यु हो चुका था, जिनका पता बदल गया है या जिनकी जानकारी में विसंगतियाँ पाई गईं। आयोग द्वारा हटाए गए नामों की सार्वजनिक सूची विभागीय कार्यालयों, पंचायत/वार्ड कार्यालयों और अन्य सरकारी ठिकानों पर चस्पा की गई है ताकि प्रभावित मतदाता दस्तावेज और स्पष्टीकरण दे सकें।
चुनाव अधिकारियों ने बताया कि जिन पात्र मतदाताओं के नाम गलती से हटे हैं या जिन लोगों के विवरण में त्रुटियाँ थीं, उन्हें फॉर्म-6 के माध्यम से पुनः आवेदन करने का मौका दिया जाएगा। इस प्रक्रिया के तहत योग्य मतदाता देर नहीं करेंगे तो अपने नाम को सूची में वापस दर्ज करा सकते हैं।
इस विस्तृत एसआईआर प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक, अद्यतन और निष्पक्ष बनाना है, ताकि आगामी चुनावों में वैध मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
तथ्य जांच:
✔ तमिलनाडु में एसआईआर के बाद फाइनल मतदाता सूची जारी हुई है।
✔ कुल 97.37 लाख नाम हटाए गए हैं।
✔ संशोधित सूची के बाद मतदाताओं की संख्या लगभग 5.43 करोड़ हो गई है।
✔ हटाए गए नामों में मृतक, असंगत या गलत जानकारी वाले नाम शामिल हैं।
✔ पात्र मतदाता फॉर्म-6 के जरिए पुनः आवेदन कर अपने नाम को जोड़ सकते हैं।
