नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए प्रधानमंत्री कार्यालय परिसर ‘सेवा तीर्थ’ से अपने कार्यकाल के एक नए चरण की औपचारिक शुरुआत की। उद्घाटन के बाद उन्होंने जिन पहली फाइलों पर हस्ताक्षर किए, वे सीधे तौर पर महिलाओं, किसानों, युवाओं और आम नागरिकों से जुड़ी योजनाओं से संबंधित हैं।
सरकार के अनुसार, ‘सेवा तीर्थ’ अब प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय का एकीकृत प्रशासनिक केंद्र होगा। इसे बेहतर समन्वय, त्वरित निर्णय-प्रक्रिया और दक्ष शासन व्यवस्था के उद्देश्य से विकसित किया गया है।
सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए राहत योजना
प्रधानमंत्री ने सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए प्रधानमंत्री राहत योजना को मंजूरी दी। इस योजना के तहत दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को ₹1.5 लाख तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का कहना है कि यह निर्णय ‘गोल्डन ऑवर’ के दौरान आपातकालीन चिकित्सा सहायता को सुलभ बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि समय पर इलाज सुनिश्चित होता है तो दुर्घटनाओं में मृत्यु दर कम की जा सकती है।
लखपति दीदी’ योजना का विस्तार
महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए ‘लखपति दीदी’ योजना का लक्ष्य बढ़ाकर 6 करोड़ महिलाओं तक पहुंचाने का निर्णय लिया गया है। यह योजना स्वयं सहायता समूहों (SHGs) से जुड़ी महिलाओं की आय बढ़ाने, कौशल विकास और सूक्ष्म उद्यम को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।
सरकार का दावा है कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी और आय में स्थायी वृद्धि होगी।
कृषि अवसंरचना कोष में बढ़ोतरी
कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से कृषि अवसंरचना कोष की सीमा को बढ़ाकर ₹2 लाख करोड़ करने का निर्णय लिया गया है। इस कोष का उपयोग ग्रामीण भंडारण, कोल्ड-चेन, एग्री-लॉजिस्टिक्स और प्रसंस्करण सुविधाओं के विकास में किया जाएगा।
विश्लेषकों का मानना है कि इससे किसानों को बेहतर मूल्य, कम बर्बादी और आपूर्ति श्रृंखला में सुधार का लाभ मिल सकता है।
स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0
युवाओं और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए ‘स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0’ के तहत ₹10,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य टेक्नोलॉजी, डीप-टेक, हरित ऊर्जा और डिजिटल नवाचार क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहन देना है।
सरकार के अनुसार, इससे रोजगार सृजन और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारतीय स्टार्टअप्स की स्थिति मजबूत होगी।
सेवा तीर्थ का संदेश
प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘सेवा तीर्थ’ केवल एक नया भवन नहीं, बल्कि “सेवा और सुशासन” की भावना का प्रतीक है। यहां से लिए जाने वाले निर्णय देश के अंतिम पंक्ति के नागरिक तक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से होंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नए पीएमओ से लिए गए ये शुरुआती निर्णय सरकार के प्राथमिक एजेंडा—जनकल्याण, महिला सशक्तिकरण, कृषि विकास और स्टार्टअप प्रोत्साहन को स्पष्ट संकेत देते हैं।
तथ्य जांच
✔ प्रधानमंत्री ने नए कार्यालय ‘सेवा तीर्थ’ से योजनाओं से जुड़ी फाइलों पर हस्ताक्षर किए।
✔ सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए ₹1.5 लाख तक कैशलेस इलाज का प्रावधान घोषित।
✔ ‘लखपति दीदी’ योजना का लक्ष्य 6 करोड़ महिलाओं तक बढ़ाने का निर्णय।
✔ कृषि अवसंरचना कोष को ₹2 लाख करोड़ तक विस्तारित करने की घोषणा।
✔ स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 के तहत ₹10,000 करोड़ का प्रावधान।
विस्तृत अधिसूचनाएं संबंधित मंत्रालयों द्वारा आधिकारिक पोर्टल पर जारी की जाएंगी।
