‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ विवाद पर जनरल नरवणे की पहली प्रतिक्रिया | अप्रकाशित किताब पर स्पष्टीकरण


नई दिल्ली: पूर्व सेना प्रमुख जनरल Manoj Mukund Naravane ने अपनी किताब Four Stars of Destiny को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद पर पहली बार प्रतिक्रिया दी है। किताब अभी तक प्रकाशित नहीं हुई है, बावजूद इसके उसके कथित पन्नों के ऑनलाइन प्रसार और संसद में उठाए गए मुद्दों ने मामला राजनीतिक बहस का रूप ले लिया है। नरवणे ने स्पष्ट किया है कि किताब का स्टेटस unchanged है और किसी भी अनधिकृत प्रति पर आधारित दावों को स्वीकार नहीं किया गया है। पढ़िए पूरी खबर।

पूर्व भारतीय सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे ने अपनी अप्रकाशित किताब ‘Four Stars of Destiny’ को लेकर चल रहे सियासी बवाल पर पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि किताब अब तक प्रकाशित नहीं हुई है और उसके बारे में जो दावे किए जा रहे हैं, उनमें कोई वास्तविकता नहीं है।

नरवणे ने कहा कि Four Stars of Destiny के बारे में जो रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पर बातें हो रही हैं, वे गलत या अनधिकृत स्रोतों पर आधारित हैं तथा ऐसा कोई संस्करण सार्वजनिक रूप से जारी नहीं किया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किताब की स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है और जो दावे हैं वे तथ्यों से मेल नहीं खाते।

यह विवाद तब शुरू हुआ जब संसद के बजट सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने Four Stars of Destiny के कथित अंशों का हवाला देते हुए अपनी बात रखी थी, जिसके बाद राजनीतिक बहस और हंगामा शुरू हो गया। इसके बाद सरकार और विपक्ष के बीच दौड़ती बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप ने मामला और गहराया।

किताब को लेकर पब्लिशर Penguin Random House ने भी बयान जारी किया है, जिसमें यह स्पष्ट किया गया है कि Four Stars of Destiny अब तक किसी भी रूप में प्रकाशित नहीं हुई है; न वह प्रिंट में उपलब्ध है, न डिजिटल रूप में। इस बयान में यह भी चेताया गया है कि अगर कोई अनधिकृत प्रति फैलाई जा रही है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

दिल्ली पुलिस ने इस मामले में अनाधिकृत लीक को लेकर एफआईआर दर्ज की है और जांच चल रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि किसने अप्रकाशित किताब की प्रतियों को सोशल मीडिया या अन्य प्लेटफॉर्म पर साझा किया था।

उल्लेखनीय है कि किताब को लेकर विवाद अब सिर्फ प्रकाशन का मामला नहीं रहा, बल्कि संसद की कार्यवाही, राजनीतिक बयानबाजी और विपक्ष-सरकार के बीच बहस का एक बड़ा मुद्दा बन चुका है।

तथ्य जांच

Four Stars of Destiny अब तक प्रकाशित नहीं हुई है।
✔ पेंग्विन इंडिया ने स्पष्ट किया कि किताब कोई भी प्रति सार्वजनिक नहीं की गई
✔ नरवणे ने प्रतिक्रिया में बताया कि किताब का स्टेटस बदलाव नहीं आया है।
✔ दिल्ली पुलिस ने अनाधिकृत प्रसारण को लेकर FIR दर्ज की है।
✔ राजनीतिक विवाद संसद तक पहुँच चुका है। 

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