नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के दौरान विपक्ष ने बड़ा राजनीतिक कदम उठाते हुए लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दाखिल किया है। यह नोटिस INDIA ब्लॉक की ओर से दिया गया है, जिसे 118 सांसदों का समर्थन प्राप्त है। हालांकि तृणमूल कांग्रेस ने इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। जानिए पूरी खबर।
संसद के बजट सत्र के बीच राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दाखिल किया है। इस प्रस्ताव को अब तक 118 सांसदों का समर्थन मिल चुका है, जिससे यह औपचारिक रूप से संसद के नियमों के तहत स्वीकार्य सीमा में आ गया है।
सूत्रों के मुताबिक यह नोटिस नियम 94(c) के तहत दाखिल किया गया है, जिसके लिए कम से कम 100 सांसदों के हस्ताक्षर जरूरी होते हैं। विपक्ष का आरोप है कि सदन के संचालन में निष्पक्षता का पालन नहीं किया जा रहा और विपक्ष को अपनी बात रखने का पूरा अवसर नहीं मिल रहा है।
इस अविश्वास प्रस्ताव को आगे बढ़ाने वालों में सांसद गौरव गोगोई, के. सुरेश और मोहम्मद जावेद प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन नेताओं का कहना है कि बार-बार विपक्ष की आवाज दबाई जा रही है और कार्यवाही को बिना पर्याप्त चर्चा के स्थगित किया जा रहा है।
हालांकि इस पूरे घटनाक्रम में तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने खुद को अलग रखा है। पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी की पार्टी ने अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए। टीएमसी नेताओं का कहना है कि उनकी प्राथमिकता संसद को सुचारू रूप से चलने देना है और वे ऐसे कदमों से फिलहाल दूरी बनाए रखना चाहते हैं।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, TMC का यह रुख INDIA ब्लॉक के भीतर रणनीतिक मतभेदों की ओर भी इशारा करता है। वहीं कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का कहना है कि यह कदम लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की रक्षा के लिए जरूरी है।
अब यह देखना अहम होगा कि स्पीकर के खिलाफ लाए गए इस अविश्वास प्रस्ताव पर आगे क्या प्रक्रिया अपनाई जाती है और क्या यह सदन में चर्चा के लिए स्वीकार किया जाता है या नहीं।
तथ्य जांच
✔ लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दाखिल किया गया है।
✔ यह नोटिस INDIA ब्लॉक की ओर से दिया गया है।
✔ प्रस्ताव को 118 सांसदों का समर्थन प्राप्त है।
✔ नियम 94(c) के तहत 100 से अधिक सांसदों के हस्ताक्षर आवश्यक होते हैं।
✔ तृणमूल कांग्रेस ने इस अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं।
✔ TMC का कहना है कि वह संसद को सुचारू रूप से चलने देने के पक्ष में है।
