इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा आदेश: स्कूलों में Maternity Act लागू करने को कहा


प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्कूलों में मातृत्व सुरक्षा कानून (Maternity Benefit Act) लागू करने संबंधी अगले कदम उठाने को कहा है। कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से इस कानून के स्कूलों में प्रभावी कार्यान्वयन पर विचार करने को कहा, ताकि शिक्षण संस्थानों में माताओं और गर्भवती महिलाओं के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हो सके। पढ़िए पूरा फैसला, कारण और आगे की प्रक्रिया।

इलाहाबाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्कूलों में मातृत्व सुरक्षा कानून (Maternity Benefit Act) लागू करने संबंधी एक महत्वपूर्ण मुद्दे पर टिप्पणी की है। हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों से कहा है कि स्कूलों में यह कानून प्रभावी रूप से लागू हो — खासकर महिलाओं, गर्भवती शिक्षिकाओं तथा कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए।

मामला उस याचिका से उठा जिसमें याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि स्कूलों में मातृत्व अवकाश और मातृत्व से जुड़ी सुविधाओं का पालन पर्याप्त रूप से नहीं हो रहा है, जिससे महिलाओं के कार्यस्थल पर सुरक्षा और सम्मान प्रभावित हो रहे हैं। हाईकोर्ट ने इस आग्रह पर केंद्र और राज्य को नोटिस जारी करते हुए सवाल किया कि क्या Maternity Benefit Act को स्कूलों में लागू करना चाहिए और यदि लागू है तो इसकी निगरानी कैसी होनी चाहिए।

कोर्ट ने कहा कि शिक्षण संस्थानों को “सुरक्षित और सम्मानजनक कार्यस्थल” बनाना चाहिए ताकि गर्भवती और मातृत्व से जुड़ी आवश्यकताओं वाली महिलाओं को पर्याप्त संरक्षण मिले। हाईकोर्ट ने दोनों सरकारों से प्रभावी निगरानी तंत्र बनाने और कार्यान्वयन की स्थिति पर जवाब दाखिल करने को कहा है।

अधिकारियों के मुताबिक, Maternity Benefit Act 1961 के तहत महिलाओं को मातृत्व अवकाश, भत्ते तथा सुरक्षित कार्यस्थल की गारंटी मिलती है, लेकिन कोर्ट ने यह उठाया है कि स्कूल जैसे शिक्षण संस्थानों में भी इसे समान रूप से लागू करने की आवश्यकता है। इससे न केवल शिक्षिकाओं को न्याय मिलेगा, बल्कि यह महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा और समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जाएगा।

कोर्ट ने आगे सुनवाई की अगली तारीख तय करते हुए जवाब दाखिल करने की डेडलाइन दोनों सरकारों को दी है। इस मामले में आगे की कार्रवाई पर हाईकोर्ट की निगरानी जारी रहेगी।

तथ्य जांच

✔ इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्कूलों में Maternity Benefit Act लागू करने पर विचार करने को कहा है।
✔ कोर्ट ने केंद्र एवं उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है।
✔ Maternity Benefit Act 1961 के तहत महिलाओं को मातृत्व अवकाश, सुविधाएँ और सुरक्षा का अधिकार मिलता है।
✔ उच्चतर न्यायालय ने निश्‍चित किया है कि कार्यस्थलों— जिसमें स्कूल भी शामिल हैं— में महिलाओं को उचित संरक्षण मिलना आवश्यक है।
✔ स्कूलों में निगरानी और कार्यान्वयन के बारे में उच्च न्यायालय को रिपोर्ट मांगी गई है।

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने