रीवा एक्सप्रेस में यात्रा के दौरान आशुतोष ब्रह्मचारी पर हुए कथित जानलेवा हमले की जांच में रेलवे पुलिस (GRP) ने बड़े पैमाने पर जांच शुरू कर दी है। मामले में गाजियाबाद से प्रयागराज तक लगे करीब 200 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई है।
पुलिस के अनुसार, जांच के तहत सबसे पहले गाजियाबाद रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म, फुटओवर ब्रिज, एंट्री-एग्जिट गेट और टिकट काउंटर क्षेत्र में लगे करीब 70 कैमरों की रिकॉर्डिंग देखी गई। इसके बाद अन्य प्रमुख स्टेशनों की फुटेज भी मंगाई गई।
इसके अलावा सिराथू रेलवे स्टेशन पर भी जीआरपी टीम ने करीब 40 कैमरों की जांच की, जबकि प्रयागराज जंक्शन पर प्लेटफॉर्म, वेटिंग एरिया, एंट्री-एग्जिट गेट और पार्किंग क्षेत्र में लगे लगभग 90 CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग देखी गई।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि संदिग्ध हमलावर किस स्टेशन से ट्रेन में चढ़े और घटना के बाद कहां उतर गए। अभी तक किसी आरोपी की पहचान नहीं हो पाई है।
इस मामले में ट्रेन के कोच में मौजूद यात्रियों, आशुतोष ब्रह्मचारी के साथियों, टीटीई और कोच अटेंडेंट के बयान भी दर्ज किए गए हैं। हालांकि इन बयानों से भी अभी तक कोई स्पष्ट सुराग नहीं मिला है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह हमला उस समय हुआ जब आशुतोष ब्रह्मचारी गाजियाबाद से प्रयागराज जा रहे थे और ट्रेन सिराथू के पास पहुंच रही थी। हमलावर ने कथित रूप से धारदार हथियार से हमला किया, जिसमें वे घायल हो गए।
पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और सीसीटीवी फुटेज, यात्रियों के बयान और अन्य सबूतों के आधार पर जल्द ही हमलावरों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
तथ्य जाँच
- घटना रीवा एक्सप्रेस ट्रेन में हुई जब आशुतोष ब्रह्मचारी गाजियाबाद से प्रयागराज जा रहे थे।
- हमले की जांच जीआरपी (Government Railway Police) कर रही है।
- गाजियाबाद से प्रयागराज तक 200 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई।
- गाजियाबाद स्टेशन पर लगभग 70 कैमरे जांचे गए।
- सिराथू स्टेशन पर करीब 40 कैमरों की फुटेज देखी गई।
- प्रयागराज जंक्शन पर लगभग 90 CCTV कैमरों की जांच हुई।
- यात्रियों, टीटीई और कोच अटेंडेंट के बयान दर्ज किए गए।
- अब तक हमलावरों की पहचान या गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।
