बिहार सरकार ने प्रशासनिक सुधार और अधिकारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए एक अहम फैसला लिया है। राज्य के 38 IAS अधिकारियों को मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) में प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा।
इस प्रशिक्षण में 19 जिलों के जिलाधिकारी (DM) भी शामिल होंगे, जो राज्य के विभिन्न जिलों में तैनात हैं।
कब और कहां होगा प्रशिक्षण ?
- स्थान: मसूरी (उत्तराखंड)
- संस्थान: लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA)
- अवधि: 11 मई से 5 जून 2026
यह प्रशिक्षण मिड-करियर ट्रेनिंग (Phase-3) के तहत कराया जाएगा, जिसमें 2015 से 2018 बैच के अधिकारी शामिल हैं।
ट्रेनिंग का उद्देश्य क्या है ?
सरकार का उद्देश्य अधिकारियों को आधुनिक प्रशासनिक कौशल से लैस करना है। इस दौरान उन्हें:
- नीति निर्माण (Policy Making)
- प्रशासनिक दक्षता
- नेतृत्व क्षमता
- सुशासन (Good Governance)
- पब्लिक सर्विस डिलीवरी
जैसे विषयों पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
किन-किन अधिकारियों की भागीदारी ?
- 19 जिलों के DM
- विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी
- अपर सचिव और निदेशक स्तर के अधिकारी
इसमें उद्योग, स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन, नगर विकास जैसे विभागों के अधिकारी भी शामिल होंगे।
क्यों है यह फैसला महत्वपूर्ण ?
- प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी
- सरकारी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन
- अधिकारियों की निर्णय क्षमता मजबूत होगी
- राज्य में सुशासन को बढ़ावा मिलेगा
सरकार का मानना है कि इस तरह के प्रशिक्षण से ग्राउंड लेवल पर कामकाज में सुधार होगा और जनता को बेहतर सेवाएं मिलेंगी।
तथ्य जाँच (मुख्य बिंदु)
- कुल अधिकारी: 38 IAS अधिकारी
- DM शामिल: 19 जिलों के जिलाधिकारी
- प्रशिक्षण स्थान: LBSNAA, मसूरी
- अवधि: 11 मई से 5 जून 2026
- प्रशिक्षण प्रकार: मिड-करियर ट्रेनिंग (Phase-3)
- बैच: 2015–2018 बैच के अधिकारी
- उद्देश्य: प्रशासनिक दक्षता और सुशासन में सुधार
- अन्य अधिकारी: कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल
- प्रभाव: सरकारी कामकाज और सेवा वितरण बेहतर होने की उम्मीद
