हिमाचल प्रदेश में मौसम अचानक बिगड़ गया है और भारत मौसम विभाग (IMD) ने कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यह अलर्ट ओलावृष्टि, तेज हवाएं (50–60 किमी/घंटा) और आंधी-तूफान को लेकर जारी किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, 7 और 8 अप्रैल को राज्य के कई हिस्सों - जैसे शिमला, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, सोलन और चंबा - में तेज मौसम गतिविधि देखने को मिलेगी।
सेब की फसल पर सबसे बड़ा असर
इस खराब मौसम का सबसे ज्यादा असर हिमाचल की सेब बेल्ट पर पड़ा है।
- ओलावृष्टि से सेब के फूल और कली (ब्लूम स्टेज) को नुकसान
- पेड़ों की टहनियां टूटने और पत्तियां झड़ने की खबर
- कई इलाकों में उत्पादन घटने का खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, यह समय सेब की फसल के लिए बेहद संवेदनशील होता है, और इस समय हुआ नुकसान सीधे पैदावार को प्रभावित करता है।
किन जिलों में ज्यादा खतरा ?
- शिमला
- कुल्लू
- मंडी
- कांगड़ा
- चंबा
- सोलन
इन क्षेत्रों में ओले, बारिश और तेज हवाओं का संयुक्त असर देखने को मिल सकता है।
मौसम का कारण क्या है ?
मौसम विभाग के अनुसार, यह स्थिति पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण बनी है, जिससे राज्य में लगातार बारिश, बर्फबारी और ओलावृष्टि हो रही है।
क्या असर पड़ेगा ?
- फसलों (खासकर सेब) को भारी नुकसान
- पेड़, बिजली लाइन और सड़कों को नुकसान
- ट्रैफिक और यात्रा में बाधा
- तापमान में 4–6°C तक गिरावट
तथ्य जाँच (मुख्य बिंदु)
- अलर्ट: IMD द्वारा ऑरेंज अलर्ट जारी (7–8 अप्रैल)
- मुख्य खतरा: ओलावृष्टि, तेज हवाएं (50–60 किमी/घंटा), बारिश
- प्रभावित क्षेत्र: शिमला, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, चंबा, सोलन
- फसल नुकसान: सेब की फसल (ब्लूम स्टेज) को भारी क्षति
- कारण: पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय
- तापमान प्रभाव: 4–6°C तक गिरावट संभव
- अन्य असर: सड़क, बिजली और यातायात प्रभावित
- स्थिति: अगले कुछ दिनों तक मौसम खराब रहने की संभावना
