भारत में 2026 के बड़े विधानसभा चुनावों की तैयारी शुरू हो गई है। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने घोषणा की है कि वह पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनावों का पूरा कार्यक्रम जारी करेगा।
चुनाव आयोग की यह प्रेस कॉन्फ्रेंस दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित की गई, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी मौजूद रहे। इसमें मतदान की तारीखें, चरण, नामांकन, मतगणना और आचार संहिता से जुड़ी जानकारी दी जाती है।
इन पांच राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश की विधानसभा का कार्यकाल मई-जून 2026 के बीच समाप्त होने वाला है, इसलिए संवैधानिक प्रक्रिया के तहत चुनाव कराना जरूरी है।
राजनीतिक रूप से ये चुनाव बेहद अहम माने जा रहे हैं।
- पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी के बीच कड़ी टक्कर है।
- असम में बीजेपी की सरकार है।
- तमिलनाडु में डीएमके सत्ता में है और एआईएडीएमके-बीजेपी गठबंधन चुनौती दे सकता है।
- केरल में एलडीएफ और यूडीएफ के बीच पारंपरिक मुकाबला रहता है।
- पुडुचेरी में गठबंधन की राजनीति महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
इन राज्यों की कुल आबादी लगभग 20 करोड़ के आसपास है और लोकसभा में इन राज्यों से करीब 116 सांसद चुने जाते हैं, इसलिए इन चुनावों का असर राष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ सकता है।
तथ्य जाँच
- घोषणा करने वाली संस्था: भारत निर्वाचन आयोग (ECI)।
- चुनाव वाले राज्य/केंद्र शासित प्रदेश: पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी।
- प्रेस कॉन्फ्रेंस का समय: 15 मार्च 2026, शाम 4 बजे।
- मुख्य अधिकारी: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और अन्य चुनाव आयुक्त।
- कार्यकाल समाप्ति: इन राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल मई-जून 2026 में खत्म हो रहा है।
- राजनीतिक महत्व: इन राज्यों की आबादी लगभग 20 करोड़ और लोकसभा में 116 सीटों पर प्रभाव।
- संभावित मतदान: रिपोर्ट्स के अनुसार चुनाव अप्रैल के दूसरे या तीसरे सप्ताह से शुरू हो सकते हैं और परिणाम मई की शुरुआत में आ सकते हैं।
