मध्य-पूर्व में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहा युद्ध अब और अधिक फैलता दिखाई दे रहा है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार संघर्ष अपने तीसरे सप्ताह में पहुंच चुका है और कई खाड़ी देशों तक इसका असर दिखने लगा है।
सूत्रों के अनुसार ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में कई जगहों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की वायु रक्षा प्रणाली ने कई मिसाइलों और ड्रोन को इंटरसेप्ट किया, जिससे दुबई और आसपास के क्षेत्रों में धमाकों जैसी आवाजें सुनी गईं।
इसी बीच ईरान ने यूएई के प्रमुख बंदरगाहों- जैसे दुबई, अबू धाबी और फुजैराह- के आसपास रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी दी है। ईरान का आरोप है कि इन क्षेत्रों का उपयोग अमेरिका द्वारा ईरान के तेल ठिकानों पर हमले के लिए किया गया।
दूसरी ओर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों के आवागमन को रोकने की कोशिश की तो अमेरिका और उसके सहयोगी देश सैन्य कार्रवाई कर सकते हैं। उन्होंने सहयोगी देशों से इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग की सुरक्षा के लिए नौसेना भेजने की अपील भी की है।
इस युद्ध के कारण हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर भी खतरा बढ़ गया है, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है। यहां किसी भी तरह की बाधा वैश्विक ऊर्जा बाजार और तेल की कीमतों पर बड़ा असर डाल सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह संघर्ष और फैलता है तो पूरे मध्य-पूर्व में बड़े क्षेत्रीय युद्ध की स्थिति बन सकती है और इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था, तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ सकता है।
तथ्य जाँच
- मुख्य संघर्ष: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच सैन्य युद्ध जारी है।
- संघर्ष की शुरुआत: 28 फरवरी 2026 को संयुक्त हमलों के बाद तनाव तेजी से बढ़ा।
- खाड़ी क्षेत्र में हमला: यूएई और आसपास के क्षेत्रों में मिसाइल व ड्रोन हमलों की रिपोर्ट।
- यूएई चेतावनी: दुबई, अबू धाबी और फुजैराह के बंदरगाह क्षेत्रों को खाली करने की चेतावनी।
- हॉर्मुज जलडमरूमध्य: वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग, जिस पर संकट बढ़ा।
- अमेरिका का रुख: सहयोगी देशों से हॉर्मुज की सुरक्षा के लिए नौसेना भेजने की अपील।
- क्षेत्रीय असर: इराक, लेबनान और खाड़ी देशों में भी हमले और सैन्य गतिविधियां बढ़ीं।
- वैश्विक प्रभाव: तेल बाजार, व्यापार मार्ग और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर बड़ा खतरा।
